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तिरुवनंतपुरम कॉर्पोरेशन पर बीजेपी का कब्जा, आर. श्रीलेखा मेयर बनने की अटकलें तेज

तिरुवनंतपुरमl भारतीय जनता पार्टी ने शनिवार को केरल में एक बड़ी राजनीतिक कामयाबी हासिल की। पार्टी ने तिरुवनंतपुरम कॉर्पोरेशन पर कब्जा कर लिया, जिससे राज्य की राजधानी की नगर पालिका में 45 साल से चल रहे लेफ्ट के लगातार शासन का अंत हो गया।
इस जीत को और भी खास बनाते हुए, केरल की पहली महिला आईपीएस अधिकारी, आर. श्रीलेखा, ने एक महत्वपूर्ण मुकाबले में जीत हासिल की, जिससे बीजेपी की इस सफलता का महत्व और बढ़ गया।
2020 में पुलिस महानिदेशक के पद से रिटायर हुईं आर. श्रीलेखा, सस्थमंगलम डिवीजन से भारी अंतर से जीतने के बाद बीजेपी की जीत का एक प्रमुख चेहरा बनकर उभरी हैं। उनकी इस बड़ी जीत से यह राजनीतिक अटकलें तेज हो गई हैं कि क्या 64 वर्षीय पूर्व टॉप पुलिस अधिकारी मेयर पद के लिए बीजेपी की पसंद होंगी। अगर उन्हें चुना जाता है, तो वह राजधानी में पार्टी की पहली मेयर बन जाएंगी।

मेयर पद की संभावना के बारे में पूछे जाने पर श्रीलेखा ने कहा कि यह फैसला पूरी तरह से पार्टी नेतृत्व पर निर्भर करता है।

जीत के बाद उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, ‘मुझे पता चला है कि सस्थमंगलम वार्ड में किसी भी उम्मीदवार को इतनी बड़ी बढ़त पहले कभी नहीं मिली। मैं लोगों को उनके इस निर्णय के लिए धन्यवाद देती हूं।’ उन्होंने यह भी कहा कि एलडीएफ और कांग्रेस ने उनकी उम्मीदवारी की घोषणा के दिन से ही उनके खिलाफ लगातार और अप्रत्याशित आलोचना की थी, लेकिन उन्हें खुशी है कि उनके वार्ड के लोगों ने उन सभी आलोचनाओं को खारिज कर दिया और उनका साथ दिया।
शनिवार को वोटों की गिनती पूरी होने के बाद, बीजेपी 101 सदस्यों वाली तिरुवनंतपुरम कॉर्पोरेशन में 50 वार्ड जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में सामने आई। बीजेपी बहुमत से सिर्फ एक सीट पीछे रह गई। लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट ने 29 सीटें, यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट 19 सीटें और निर्दलीय उम्मीदवारों ने 2 सीटें जीतीं।

यह परिणाम एक ऐसे शहर में निर्णायक राजनीतिक बदलाव का संकेत देता है, जिसे लंबे समय से लेफ्ट का गढ़ माना जाता रहा है।

तिरुवनंतपुरम में जन्मी और पली-बढ़ी श्रीलेखा जनवरी 1987 में केरल की पहली महिला आईपीएस अधिकारी बनी थीं। 30 साल से अधिक के अपने करियर में उन्होंने कई प्रमुख एजेंसियों, जैसे सीबीआई, केरल क्राइम ब्रांच, विजिलेंस, और जेल विभाग में सेवा दी। 2017 में वह डीजीपी के पद पर प्रमोट होने वाली केरल की पहली महिला बनीं। सीबीआई में अपने निडर रेड और भ्रष्टाचार विरोधी रुख के लिए उन्हें ‘रेड श्रीलेखा’ के उपनाम से भी जाना जाता था। वह दिसंबर 2020 में रिटायर हुईं।

रिटायरमेंट के बाद भी वह सार्वजनिक रूप से सक्रिय रहीं और अक्टूबर 2024 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से प्रभावित होकर बीजेपी में शामिल हुईं। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या श्रीलेखा को तिरुवनंतपुरम कॉर्पोरेशन का नेतृत्व करने के लिए चुना जाएगा।

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