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भारत किसी दबाव के आगे झुकने वाला नहीं : व्लादिमीर पुतिन

मास्को। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने गुरुवार को डोनाल्ड ट्रम्प प्रशासन की आलोचना करते हुए कहा कि वह अपने व्यापारिक साझेदार भारत पर मास्को के साथ ऊर्जा व्यापार में कटौती करने के लिए दबाव डाल रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि इसका वाशिंगटन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। दक्षिण रूस के सोची स्थित काला सागर रिसॉर्ट में भारत समेत 140 देशों के सुरक्षा और भू-राजनीतिक विशेषज्ञों के अंतर्राष्ट्रीय वल्दाई चर्चा मंच को संबोधित करते हुए पुतिन ने कहा कि अगर रूस के व्यापारिक साझेदारों पर ज़्यादा टैरिफ लगाए गए, तो इससे वैश्विक ऊर्जा की कीमतें बढ़ेंगी और अमेरिकी फेडरल रिजर्व को ब्याज दरें ऊँची रखने पर मजबूर होना पड़ेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि इससे अमेरिकी अर्थव्यवस्था धीमी पड़ जाएगी।
रूसी राष्ट्रपति ने दिसंबर की शुरुआत में होने वाली अपनी आगामी भारत यात्रा के प्रति भी उत्सुकता व्यक्त की। उन्होंने सरकार को निर्देश दिया कि वह नई दिल्ली द्वारा कच्चे तेल के भारी आयात के कारण भारत के साथ व्यापार असंतुलन को कम करने के उपाय करे। रूसी नेता ने कहा कि भारत के साथ हमारी कभी कोई समस्या या अंतर्राज्यीय तनाव नहीं रहा। कभी नहीं। पुतिन ने कहा कि नई दिल्ली के पास बाहरी दबाव के आगे झुकने का कोई कारण नहीं है। भारत कभी भी खुद को अपमानित नहीं होने देगा। उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ऐसा कोई कदम कभी नहीं उठाएंगे।
उन्होंने कहा कि अगर भारत रूसी ऊर्जा खरीदना बंद कर देता है, तो उसे 9 अरब से 10 अरब डॉलर के बीच का नुकसान होने का अनुमान है। उन्होंने कहा मेरा विश्वास कीजिए, भारत जैसे देश के लोग राजनीतिक नेतृत्व द्वारा लिए गए फैसलों पर कड़ी नज़र रखेंगे और किसी के सामने किसी भी तरह का अपमान नहीं होने देंगे। पुतिन ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को अपना मित्र बताया तथा कहा कि वह उनके साथ भरोसेमंद बातचीत में सहज महसूस करते हैं। मैं प्रधानमंत्री मोदी को जानता हूं; वह स्वयं कभी इस तरह का कोई कदम नहीं उठाएंगे। पुतिन ने इसे आर्थिक दृष्टिकोण से निरर्थक बताया।
पुतिन ने कहा कि अमेरिका के दंडात्मक शुल्कों के कारण भारत को होने वाले नुकसान की भरपाई रूस से कच्चे तेल के आयात से हो जाएगी, साथ ही उसे एक संप्रभु राष्ट्र के रूप में प्रतिष्ठा भी मिलेगी। उन्होंने कहा कि व्यापार असंतुलन को दूर करने के लिए रूस भारत से और अधिक कृषि उत्पाद और दवाइयाँ खरीद सकता है। पुतिन ने कहा भारत से और अधिक कृषि उत्पाद खरीदे जा सकते हैं। औषधीय उत्पादों और फार्मास्यूटिकल्स के लिए हमारी ओर से कुछ कदम उठाए जा सकते हैं।

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